मादक पदार्थों के विनिर्माण, विक्रय तथा कब्जा के सम्बन्ध में छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम में ग्राम पंचायतों एवं ग्रामसभा को प्रदत्त अधिकारों की विवेचना कीजिए | Disscuss the rights conferred to Gram Panchayat and Gram Sabha in respect of manufacture, sale and possession of liquor as prescribed in Chhattisgarh Excise Act.

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मादक द्रव्यों का निर्माण एवं भण्डारण के प्रावधान Manufacture and Warehousing of Intoxicants

छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 13 में यह व्यवस्था की गयी है कि कोई व्यक्ति लाइसेंस प्राप्त किए बिना निम्नलिखित कार्य सम्पन्न नहीं कर सकता-

1. मादक द्रव्य का निर्माण व संग्रह-आबकारी अधिनियम के अंतर्गत लाइसेंस के अभाव में कोई भी व्यक्ति किसी भी मादक द्रव्य का निर्माण नहीं कर सकता है और न ऐसे पदार्थ का संग्रह कर सकता है।

2. भाँग की खेती-लाइसेंस के अभाव में कोई भी व्यक्ति भाँग के पौधे की खेती नहीं कर सकता है, यदि मालिक की जानकारी के अभाव में किसी खेत पर पौधा उत्पन्न हो जाता हो तो उसके लिए मालिक को दोषी नहीं ठहराया जा सकता है।

3. ताड़ी के वृक्ष का छेदन-कोई भी व्यक्ति ताड़ी के वृक्ष में छेद करके ताड़ी नहीं निकाल सकता। राज्य सरकार अधिसूचना निकालकर किसी क्षेत्र विशेष या क्षेत्रों को इनसे छूट दे सकती है और इसके लिए कुछ शर्ते भी लगा सकती है।

4. आसवनी या ब्रिवरी का निर्माण राज्य सरकार द्वारा जारी लाइसेंस के बिना कोई भी व्यक्ति राज्य में कहीं भी शराब की भट्टी, आसवनी (डिस्टिलरी) व ब्रअरी का निर्माण नहीं कर सकता है। ब्रिवरी के निर्माण एवं परिचालन के लिए लाइसेंस राज्य सरकार द्वारा निर्धारित शर्तों के अन्तर्गत प्रदान किये जाते हैं।

5. बोतलों में मंदिरा भरना- लाइसेंस के अभाव में कोई भी व्यक्ति छत्तीसगढ़ राज्य में मंदिरा को बोतलों में भरने का कार्य नहीं कर सकता है।

6. मादक पदार्थ बनाने वाले उपकरणों का आधिपत्य-कोई भी व्यक्ति राज्य में मादक पदार्थों के निर्माण से सम्बन्धित उपकरण अपने पास रखता है तो वह अपराधी माना जायेगा तथा राज्य सरकार उस पर अभियोग चला सकता है।

7. गृह उपयोग हेतु मदिरा का निर्माण-धारा 13 के अन्तर्गत राज्य सरकार चाहे तो अधिसूचनाजारी करके यह घोषणा कर सकती है कि धारा 13 के नियम उस क्षेत्र या उन व्यक्तियों पर लागू होंगे जो अपने व्यक्तिगत उपयोग हेतु मदिरा का निर्माण करना चाहते हैं। इस कार्य के लिए सरकार कुछ शर्ते लगा सकती है।

8. भण्डारगृह की स्थापना की स्थापना करवा सकता है। यदि आबकारी आयुक्त चाहे तो मादक पदार्थों के संग्रह हेतु भण्डारगृह

9. भण्डारगृह को बन्द करना-आबकारी अधिनियम की धारा 14 (E) के अंतर्गत आबकारी आयुक्त को यह अधिकार है कि वह भी भण्डारगृह को बन्द करने के आदेश प्रदान कर सकता है।

 

मादक पदार्थों के कब्जे से सम्बन्धित प्रावधान Possession of Intoxicants

मादक पदार्थों के स्टॉक एवं कब्जे से सम्बन्धित व्यवस्थाएँ निम्न प्रकार हैं –

1. अधिकतम मात्रा निर्धारित करना- राज्य सरकार एक अधिसूचना द्वारा मादक पदार्थों के लिए अधिकतम मात्रा निर्धारित कर सकती है। कोई भी व्यक्ति इस मात्रा से अधिक मादक पदार्थ अपने पास नहीं रख सकता। यह मात्रा विभिन्न प्रकार के मादक पदार्थों के लिए अलग-अलग हो सकती है।

2.अधिकतम मात्रा से अधिक पदार्थ रखना- कोई भी व्यक्ति अपने पास निर्धारित मात्रा से अधिक मादक पदार्थ नहीं रख सकता। परन्तु निम्नलिखित परिस्थितियों में यह लागू नहीं होता –

(1) निर्माण, कृषि, संग्रह, विक्रय या पूर्ति का लाइसेंस होने की दशा में

(2) ऐसे मादक पदार्थ आयात निर्यात अथवा परिवहन का पास होने की दशा में।

(3) इस अधिनियम के अंतर्गत जारी परमिट होने की दशा में।

3. प्रतिबन्ध लगाना- उपर्युक्त प्रावधानों के बावजूद यदि राज्य सरकार चाहे तो अधिसूचना जारी करके यह घोषणा कर सकती है कि किसी क्षेत्र में विशेष प्रकार का मादक द्रव्य कोई भी व्यक्ति अपने पास बिल्कुल नहीं रख सकता।

मादक पदार्थों के विक्रय के प्रावधान Provisions for Sale of Intoxicants

मादक पदार्थों के विक्रय के सम्बन्ध में छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम के प्रावधान निम्न है

1. विक्रय के लिए लाइसेंस – छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 17 के अनुसार कोई भी व्यक्ति बिना लाइसेंस प्राप्त किए मादक पदार्थों का विक्रय नहीं कर सकेगा। इस अधिनियम के अंतर्गत लाइसेंस लेना आवश्यक है। इसके साथ ही लाइसेंसधारी व्यापारी को लाइसेंस के अंतर्गत दी गयी शर्तों का पालन करना आवश्यक है। यदि कोई लाइसेंसधारी विक्रेता लाइसेंस में दी गयी शर्तों का पालन नहीं करता है या उनका उल्लंघन करता है तो वह इस अधिनियम के अंतर्गत अपराधी माना जाता है। लाइसेंस की अवधि सामान्तया एक वर्ष तक अर्थात् 1 अप्रैल से 31 मार्च तक ही प्रदान की जाती है। निम्न दशाओं में मादक पदार्थों के विक्रय के लिए लाइसेंस लेने की आवश्यकता नहीं है

(क) किसी भी वृक्ष से निकाली गयी ताड़ी पर अधिकार रखने वाला व्यक्ति, ऐसी ताड़ी लाइसेंस के बिना किसी ऐसे व्यक्ति को बेच सकेगा, जो इस अधिनियम के अधीन विनिर्माण का विक्रय करने के लिए लाइसेंस प्राप्त है।

(ख) भांग के पौधे की खेती करने के लिए लाइसेंसधारी व्यक्ति, पौधे के उन भागों का, जिनसे मादक औषधि का विनिर्माण किया जाता है या उसका उत्पादन किया जाता है, इस अधिनियम के अधीन उनका व्यापार करने के लिए लाइसेंसधारी, किसी व्यक्ति को या किसी भी ऐसे अधिकारी को, जिसे आबकारी आयुक्त अधिकृत करे लाइसेंस के बिना विक्रय कर सकेगा, और

(ग) इस धारा की कोई भी बात किसी विदेशी मदिरा के विक्रय पर लागू नहीं होगी, जो किसी भी व्यक्ति द्वारा अपने प्राइवेट उपयोग के लिए विधिपूर्वक प्राप्त की गयी है और उसके द्वारा उसका विक्रय किया गया है या उसके किसी स्थान को छोड़ने पर या उसकी मृत्यु के पश्चात् उसकी ओर से या उसके हित प्रतिनिधियों की ओर से उसका विक्रय किया गया है।

2. सैनिक छावनियों में मदिरा का विनिर्माण और विक्रय- किसी भी सैनिक छावनी की सीमाओं के भी उन सीमाओं से ऐसी दूरी के भीतर, जैसा केन्द्र सरकार किसी मामले में विहित करे, मदिरा के फुटकर विक्रय के लिए कोई भी अनुज्ञप्ति कमान अधिकारी की जानकारी तथा सम्मति से ही प्रदान की जायेगी अन्यथा नहीं।

3. माप तथा परीक्षण के बारे में अनुबप्तिधारियों के कर्त्तव्य- प्रत्येक व्यक्ति, जो इस अधिनियम के अधीन प्रदान की गयी अनुज्ञप्ति के अधीन किसी भी मादक द्रव्य का विनिर्माण या विक्रय करता है, इस बात के लिए आबद्ध होगा कि वह स्वयं के ऐसे माप, तौल और उपकरणों की व्यवस्था कर ले जो आबकारी आयुक्त निर्धारित करे। साथ ही वह राज्य शासन द्वारा अधिकृत आबकारी अधिकारी के कथन पर मादक पदार्थों को मापने, तौलने व परीक्षण हेतु प्रस्तुत करेगा।

4. इक्कीस वर्ष से कम आयु के व्यक्ति को काम पर न रखना- कोई भी व्यक्ति जिसे मादक द्रव्य बेचने का लाइसेंस प्राप्त हो, वह किसी भी व्यक्ति को, पुरुष या स्त्री, या परिवार के किसी सदस्य को जिसकी आयु 21 वर्ष से कम हो, काम पर नहीं लगायेगा जहाँ पर लोग मादक द्रव्यों का उपभोग करते हों।

5. शराब से सम्बन्धित विज्ञापनों पर रोक- छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम में शराब से सम्बन्धित विज्ञापनों पर प्रतिबन्ध लगा दिया गया है। कोई भी व्यक्ति किसी समाचार-पत्र, जर्नल, मैग्जीन, पुस्तक या पत्रिका आदि में मदिरा की प्रशंसा से सम्बन्धित कोई भी विज्ञापन नहीं देगा। यदि कोई व्यक्ति ऐसा करता है तो उस पर जुर्माना या सजा या दोनों से दण्डित किया जा सकता है।

6. शराब की दुकानों को सार्वजनिक शान्ति की दृष्टि से बन्द करना- धारा 24 में जिला मजिस्ट्रेट लिखित रूप में सूचना देकर सार्वजनिक शान्ति के हित में मदिरा की दुकानों को एक निश्चित अवधि तक बन्द करने के आदेश लागू कर सकता है।

7. इक्कीस वर्ष से कम आयु के व्यक्ति को शराब के विक्रय पर रोक- मादक पदार्थों के विक्रय का लाइसेंस प्राप्त व्यक्ति किसी भी ऐसे व्यक्ति को, जिसकी आयु 21 वर्ष से कम हो, मादक पदार्थों का विक्रय नहीं कर सकेगा।

8. ग्राम पंचायतों के अधिकार- ग्राम पंचायतों को मादक पदार्थों के निर्माण, विक्रय आदि को नियमित करने हेतु निम्न अधिकार प्रदान किये गये हैं

(1) ग्राम सभा को अपनी अधिकृत सीमा के अंतर्गत मादक पदार्थों के निर्माण, कब्जे, परिवहन, विक्रय एवं उपभोग का नियमित करने का पूर्ण अधिकार होगा। लेकिन ग्राम सभा द्वारा पारित प्रतिबन्ध मादक पदार्थ की ऐसी निर्माणशाला पर लागू नहीं होगा जो इस संशोधन के पूर्व स्थापित की जा चुकी हो।

(2) ग्राम सभा की अधिकृत सीमा के अंतर्गत किसी क्षेत्र में राज्य सरकार द्वारा ग्राम सभा की सहमति के बिना किसी मादक द्रव्य के निर्माण के लिए कोई नई निर्माणशाला स्थापित नहीं की जायेगी और न ही मादक द्रव्यों के विक्रय के लिए कोई नया निकास खोला जायेगा।

(3) यदि कोई ग्राम सभा अपने क्षेत्र में किसी मादक द्रव्य के निर्माण, कब्जे, विक्रय और उपभोग पर रोक लगाती है तो उसके निम्न परिणाम होंगे

(अ) ग्राम सभा की अधिकृत सीमा के अन्दर मादक द्रव्यों की कोई भी निर्माणशाला स्थापित नही की जायेगी।

(ब) किसी मादक द्रव्य के विक्रय के लिए कोई नया निकास नहीं खोला जायेगा और वर्तमान निकास आगासी वित्तीय वर्ष के प्रथम दिन से बन्द कर दिया जायेगा।

(स) कोई भी व्यक्ति, किसी ग्राम सभा केन्द्र के भीतर किसी मादक द्रव्य का निर्माण, कब्जा, परिवहन, विक्रय एवं उपभोग नहीं करेगा।

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Manufacture and Warehousing of Intoxicants

Section 13 of the Chhattisgarh Excise Act provides that a person cannot perform the following work without obtaining a license-

1. Manufacture and collection of intoxicants – In the absence of a license under the Excise Act, no person can manufacture any intoxicant or collect such substance.

2. Cultivation of cannabis – In the absence of license, no person can cultivate cannabis plant, if the plant is grown on any field in the absence of the owner’s knowledge, then the owner cannot be blamed for that.

3. Piercing of Toddy Tree – No person can take out toddy by making a hole in the toddy tree. The State Government can exempt any particular area or areas by issuing notification and can also impose some conditions for this.

4. Manufacture of distillery or brewery No person can build a distillery, distillery and brewery anywhere in the State without a license issued by the State Government. Licenses for the manufacture and operation of breweries are granted under the conditions laid down by the state government.

5. Filling Mandira in Bottles- In the absence of a license, no person can do the work of filling Mandira in bottles in the state of Chhattisgarh.

6. Possession of drug-making equipment- Any person who possesses equipment related to the manufacture of drugs in the State, he shall be deemed to be an offender and the State Government can prosecute him.

7. Manufacture of liquor for home use – Under section 13, the State Government may, by issuing notification, declare that the rules of section 13 shall apply to that area or to those persons who wish to manufacture liquor for their personal use. The government can impose some conditions for this work.

8. Establishment of warehouse can be done. If the Excise Commissioner so desires, a warehouse for the collection of intoxicants

9. Closure of warehouse – Under section 14 (E) of the Excise Act, the Excise Commissioner has the right to order closure of the warehouse.

 

Possession of Intoxicants

The arrangements relating to the stock and possession of narcotics are as follows –

1. Prescribing maximum quantity- The State Government may, by a notification, fix the maximum quantity for narcotic substances. No person can hold any intoxicant in excess of this quantity. This amount may be different for different types of narcotics.

2. Possession of substances in excess of the maximum amount – No person can keep any drug in his possession more than the prescribed quantity. But it is not applicable in the following circumstances –

(1) in the case of a license to manufacture, cultivate, store, sell or supply

(2) In the event of the passing of such narcotic substances for import, export or transport.

(3) in the case of a permit issued under this Act.

3. Imposing restrictions – In spite of the above provisions, if the State Government so desires, it can declare by issuing notification that no person can keep a particular type of intoxicant in any area at all.

Provisions for Sale of Intoxicants

The following are the provisions of the Chhattisgarh Excise Act in relation to the sale of intoxicants.

1. License for sale – According to section 17 of the Chhattisgarh Excise Act, no person can sell intoxicants without obtaining a license. License is required under this Act. Along with this, the licensed dealer is required to comply with the conditions given under the license. If a licensed seller does not comply with or violates the conditions given in the license, he is considered an offense under this Act. The license period is generally granted for one year i.e. from 1st April to 31st March. A license is not required for the sale of narcotic substances in the following cases:

(a) a person having authority over toddy drawn from any tree may, without a license, sell such toddy to any person who is licensed under this Act to sell the manufacture.

(b) a person licensed to cultivate the cannabis plant, to any person licensed to trade the parts of the plant from which the intoxicant drug is manufactured or produced under this Act, or sell without licence to any such officer as the Excise Commissioner may authorize, and

(c) nothing in this section shall apply to the sale of any foreign liquor lawfully obtained and sold by any person for his private use or upon his leaving any place or After his death it has been sold on his behalf or on behalf of his representatives of interest.

2. Manufacture and sale of liquor in military cantonments.- Any license for retail sale of liquor within the limits of any military cantonment within such limits as the Central Government may, in any case, prescribe, to the information of the Commanding Officer and Will be given only with consent, otherwise not.

3. Duties of licensee in respect of measurement and test.—Every person who is subject to this Act

Manufactures or sells any intoxicant under a license granted, shall be bound by such measures, weights and equipments as may be prescribed by the Excise Commissioner. Along with this, he will present the drugs for measuring, weighing and testing on the statement of the Excise Officer authorized by the State Government.

4. Not to employ a person under the age of twenty-one.—Any person who has a license to sell intoxicants, to any person, male or female, or any member of the family who is below the age of 21 years , shall not be employed at work where people consume intoxicants.

5. Prohibition on advertisements related to liquor- In the Chhattisgarh Excise Act, advertisements related to liquor have been banned. No person shall give any advertisement relating to the praise of liquor in any newspaper, journal, magazine, book or magazine etc. If any person does so, he may be punished with fine or with imprisonment or with both.

6. Closing of liquor shops from the point of view of public peace – In section 24, the District Magistrate can, by giving notice in writing, enforce orders for the closure of liquor shops for a certain period in the interest of public peace.

7. Prohibition of sale of liquor to a person below the age of twenty-one years.- A person licensed to sell intoxicants shall not sell any intoxicant to any person who is less than 21 years of age.

8. Powers of Gram Panchayats- Gram Panchayats have been given the following powers to regulate the manufacture, sale etc. of narcotic substances.

(1) The Gram Sabha shall have full power to regulate the manufacture, possession, transport, sale and consumption of intoxicating substances within its authorized limits. But the ban passed by the Gram Sabha will not apply to such drugstores which have been established before this amendment.

(2) No new workshop shall be established by the State Government in any area within the authorized limits of the Gram Sabha for the manufacture of any intoxicant nor any new outlet shall be opened for the sale of intoxicants without the consent of the Gram Sabha. .

(3) If a Gram Sabha prohibits the manufacture, possession, sale and consumption of any intoxicant in its area, it shall have the following consequences:

(a) No drug store shall be established within the authorized limits of the Gram Sabha.

(b) No new exit shall be opened for the sale of any intoxicant and the existing exit shall be closed from the first day of the next financial year.

(c) No person shall manufacture, possess, transport, sell and consume any intoxicant inside any Gram Sabha Kendra.

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