केन्द्रीय सीमा शुल्क से सम्बन्धित पदाधिकारियों के कार्यों, अधिकारों एवं शक्तियों का वर्णन कीजिए | Describe the functions, rights and powers of authorities related to central customs duty

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केन्द्रीय सीमा शुल्क से सम्बन्धित पदाधिकारियों के कार्यों उत्पाद एवं सीमा शुल्क का केन्द्रीय बोर्ड Central Board of Excise Duty and Custom

केन्द्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड का गठन सेन्ट्रल बोर्ड्स ऑफ रेवेन्यू एक्ट 1963 के अधीन किया गया है। यह सीमा शुल्क के प्रशासन एवं प्रबन्ध के सम्बन्ध में सर्वोच्च अधिकारी संस्था है। इस बोर्ड में एक अध्यक्ष एवं 6 सदस्यों की नियुक्ति केन्द्र सरकार द्वारा की जाती है। एक सदस्य उत्पाद शुल्क का दूसरा सदस्य केन्द्रीय सीमा शुल्क का प्रशासन और तीसरा सदस्य वित्त सम्बन्धी मामले देखता है। इस प्रकार अन्य सदस्य भी अलग-अलग मामले देखते हैं। यह आवश्यक नहीं है कि बोर्ड के सभी सदस्य मीटिंग के रूप में मिलकर सामूहिक रूप से कोई निर्णय लें। यह बोर्ड भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के अधीन होता है।

बोर्ड के कार्य एवं अधिकार Functions and Authorities of Board

केन्द्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड के प्रमुख कार्य एवं अधिकार निम्न प्रकार है

1. यह बोर्ड सीमा शुल्क योग्य माल के वर्गीकरण एवं इन पर उत्पाद शुल्क लगाने के सम्बन्ध में आदेश, निर्देश एवं सूचनाएँ अपने अधीनस्थ अधिकारियों को भेजता है। यदि कोई कार्यवाही किसी न्यायिक प्राधिकारी या अपीलेट प्राधिकारी के समक्ष चल रही हो, तो वह ऐसे मामलों में निर्देशित या आदेशित नहीं कर सकता है।

2. बोर्ड अधिसूचना जारी करके अपने अधिकारों को अपने अधीनस्थ अधिकारियों को सौंप सकता है।

3. बोर्ड के सदस्यों के बीच अलग-अलग कार्यों का बँटवारा कर दिया जाता है, जैसे-जैसे सदस्य। उत्पाद शुल्क सम्बन्धी मामले देखता है, दूसरा सदस्य सीमा शुल्क सम्बन्धी मामले देखता है।

4. केन्द्रीय सीमा शुल्क नियमों के अंतर्गत बोर्ड केन्द्रीय सीमा शुल्क अधिकारियों की नियुक्ति करता है एवं यह इन अधिकारियों के माध्यम से अपनी शक्तियों का प्रयोग करता है।

सीमा शुल्क अधिकारीगण Custom Officers

सीमा शुल्क के प्रशासन तथा व्यवस्था के लिए निम्नलिखित अधिकारी नियुक्त किये जाते हैं-

1. कस्टम के प्रधान आयुक्त,

2. कस्टम के आयुक्त,

3. कस्टम के आयुक्त (अपील),

4. कस्टम के उप-उपायुक्त,

5. कस्टम के संयुक्त आयुक्त,

6. कस्टम के कनिष्ठ आयुक्त,

7. कस्टम के अन्य अधिकारी वर्ग जो इस अधिनियम के उद्देश्यार्य नियुक्त किये जाएँ।

सीमा शुल्क अधिकारियों के कार्य एवं अधिकार Duty and Functions of Custom Officers

कस्टम अधिकारियों को इस बात को सुनिश्चित करने के लिए व्यापक अधिकार दिये गये हैं कि सीमा शुल्क की चोरी न हो पाये तथा शुल्क सही तरीके से वसूल हो सके। संक्षेप में, उनको निम्न अधिकार प्राप्त है

1. भारत आ रहे या भारत से जा रहे संदिग्ध व्यक्तियों को छानबीन करने का अधिकार- यदि सीमा शुल्क उचित अधिकारी के पास इस बात का विश्वास करने का पर्याप्त कारण है कि निम्न में से कोई व्यक्ति, स्वयं को छिपाता है या जब्त होने योग्य किसी माल या उसके सम्बद्ध कागजों को छिपाता है, तो वह उस व्यक्ति की जाँच कर सकता है।

2. तलाशी लेने का अधिकार- यदि कोई कस्टम अधिकारी यह विश्वास करने के पर्याप्त कारण रखता हो कि किसी व्यक्ति ने अपने पास सोना, हीरे तथा सोने के आभूषण, घड़ियों आदि कोई मालछिपाया हो, जिसको जब्त किया जाना है या उससे सम्बद्ध कागजात छिपाये तो वह ऐसे व्यक्ति की तलाशी ले सकता है। जब कोई कस्टम अधिकारी छानबीन कर रहा हो तो वह उस व्यक्ति को कस्टम के निकटतम राजपत्रित अधिकारी या न्यायाधीश के समक्ष ले जायेगा। कस्टम का राजपत्रित अधिकारी या न्यायाधीश यदि इस छानबीन का आदेश देगा। छानबीन करने से पूर्व कस्टम अधिकारी तलाशी की गवाही देने के लिए दो या अधिक व्यक्तियों को उपस्थित रखने को कहेंगे तथा ऐसा करने के लिए उनको लिखित आदेश जारी करेंगे। तलाशी उनके सामने ली जायेगी तथा ऐसी तलाशी के दौरान पकड़ी गई वस्तुओं की सूची बनाई जायेगी तथा उस पर गवाहों के हस्ताक्षर कराये जायेंगे।

3. छिपाये गये माल को पकड़ने के लिए संदिग्ध व्यक्तियों का एक्सरे करने का अधिकार- जब उचित अधिकारी के पास यह विश्वास करने का उचित कारण हो कि किसी व्यक्ति के पास जब्त करने योग्य माल छिपा है, तो वह ऐसे व्यक्ति को रोक सकता है तथा उसे बिना अनावश्यक देरी किये निकटतम मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जायेगा। यदि मजिस्ट्रेट यह समझने का पर्याप्त कारण जानता है कि ऐसे व्यक्ति ने शरीर के भीतर कुछ नहीं छिपा रखा है, तो वह उसे मुक्त कर देगा। यदि वह समझता है कि उसने कुछ छिपाया हुआ है, तो वह उस व्यक्ति का स्क्रीन परीक्षण या एक्सरे लिये जाने का आदेश जारी करेगा। ऐसी दशा में उचित अधिकारी जल्दी ही उस व्यक्ति को रेडियोलॉजिस्ट के समक्ष ले जायेगा और वह व्यक्ति अपने शरीर का स्क्रीन या एक्सरे हो जाने देगा

4. गिरफ्तारी का अधिकार – यदि कस्टम आयुक्त के समान अथवा विशेष आदेश द्वारा इस बारे में अधिकृत कस्टम अधिकारी यह जानने के पर्याप्त कारण रखता है कि भारत में कोई व्यक्ति दण्डनीय अपराध का दोषी है, तो वह उसको गिरफ्तार कर सकता है तथा जितनी जल्दी हो सके ऐसी गिरफ्तारी की उसको सूचना देगा। इस प्रकार गिरफ्तार व्यक्ति को बिना अनावश्यक देरी किये मस्जिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाये

5. मकानों की तलाशी का अधिकार – यदि सीमा शुल्क का कनिष्ठ आयुक्त या थल सीमा से जुड़े किसी क्षेत्र में बोर्ड द्वारा इस उद्देश्य हेतु विशेषताः नियुक्त अधिकृत कस्टम अधिकारी यह विश्वास करने के लिए पर्याप्त कारण रखता है कि जब्त करने योग्य कोई माल या कोई प्रपत्र या उसकी राय मे किसी कार्यवाही से जुड़ी कोई वस्तु किसी स्थान पर छिपाई गई है तो वह कस्टम के किसी अधिकारी द्वारा या स्वयं ऐसे माल, प्रपत्र या वस्तुओं की तलाशी कर सकता है

6. निरीक्षण का अधिकार – आयुक्त द्वारा अधिकृत कोई भी उचित अधिकारी यह देखने के लिए कि कानून का पालन हुआ है या नहीं किसी भी स्थान पर जाकर वहाँ रखे माल का निरीक्षण कर सकता है, ताकि यह जाना या सके कि माल का आयात अथवा निर्यात क्या वैधानिक तौर पर अथवा कानून की परिधि में हो रहा है अथवा नहीं हो रहा होगा।

FAQS-

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